Looking inside yourself

Nobody can say anything about you. Whatsoever people say is about themselves. But you become very shaky, because you are still clinging to a false center. That false center depends on others, so you are always looking to what people are saying about you. And you are always following other people, you are always trying to satisfy them. You are always trying to be respectable, you are always trying to decorate your ego. Rather than being disturbed by what others say, you should start looking inside yourself. To know the real self is not so cheap. But people are always hankering for cheap things. ~Osho

http://leelavadeeflower.blogspot.com/2014/11/looking-inside-yourself.html

 

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Comments

  1. Jay Bagley

    November 9, 2014

    I know who I am I found myself that braning me close to our lord he came to me in my dream and that is no lie baby

  2. Marilena Costantino

    November 9, 2014

    That's right! Nobody can say anything about us! But we should start looking inside ourselves! Thanks Jendhamuni!

  3. Arnida Mactal

    November 9, 2014

    Tht was wonderful u said in this photo its remind me of my self …and i thnk u for sharing it , jend…

  4. Leah Michuki

    November 9, 2014

    Thanks for the wonderful words well said

  5. Ashok Kumar

    November 9, 2014

    Good afternoon Ms. Jendhamuni Sos
    Have a pleasant and peaceful day

  6. Jayesh Thakkar

    November 9, 2014

    Sometimes the originality is unbelievable. Good morning at your side Jendhamuni Sos.

  7. Jay Bagley

    November 9, 2014

    I dont care what other people think about me or say about me

  8. Maheswar Ojha

    November 9, 2014

    A private reply is sent to your pages

  9. Raghav panday

    November 9, 2014

    Hi Jen good afternoon hv a blessed day ahead ,,,,

  10. Ashok kumar

    November 9, 2014

    आघुनिक जीवन में नेतिक मूल्यों का महत्व
    आधुनिक जीवन बहुत ही तेजी से भरा है.स्पर्धा बहुत ही ज्यादा है.हर कोई आगे निकलने की दौड़ में लगा हुआ है.किसी को किसी के लिए समय नहीं है. हर कोई थोड़े समय में सब कुछ पा लेना चाहता है. हमने वैश्वीकरण की बाजारवाली उपभोक्तावादी संस्कृति को अपना लिया है धीरे धीरे हम मानवीय सम्वेदनाओं और भावनाओं को छोड़ते चले जा रहे हैं .सफलता को हम हर कीमत पर पा लेना चाहते हैं. हर चीज़ को हमने लाभ और हानि के नजरिये से देखना चालू कर दिया है. जहाँ हमारा मतलब हो वहाँ हम बहुत ही नर्म और मीठे बन जाते हैं .जहाँ हमारा मतलब न हो वहाँन हम किसी का लिहाज और परवाह ही नहीं करते. हमारा दिमाग और शरीर इस लिए नहीं बना है.हम कुदरत के नियमों की जम क्र अवहेलना करते हैं.अपने वजूद को ही जाने अनजाने में चुनौती दे डालते हैं.इस तरह से हम तनाव और दूसरी मानसिक और शारीरिक बीमारीओं को न्योता दे डालते हैं.आजकल जनमानस बहुत ही त्रस्त हो कर पुकार रहा है.
    मजबूरी
    हर तरफ होता गलत
    साहस हमारा मौन है
    हर तरफ होता अनर्थ
    आत्मबल हमारा मौन है
    क्या करें जाएँ कहाँ
    करुणा तुम्हारी मौन है

    है प्यार हर कदम रीतता
    है व्यर्थ जीवन बीतता
    पाखण्ड की होती विजय
    छायी है मानसिक दीनता
    क्या करें जाएँ कहाँ
    करुणा तुम्हारी मौन है

    हर ओर घोर अंधियार है
    सब तरफ हाहाकार है
    चारों तरफ अब क्लेश है
    कुछ भी बचा न शेष है
    क्या करें जाएँ कहाँ
    करुणा तुम्हारी मौन है

    सब कुछ छलावा है यहाँ
    सब कुछ दिखावा है यहाँ
    झूठी यहाँ हर आस है
    झूठी यहाँ हर प्यास है
    निराशा और अविश्वास है
    नीतिक मूल्यों का नहीं उजास है
    क्या करें जाएँ कहाँ
    करुणा तुम्हारी मौन है

    -Ashok Kumar

    वह चाहता है
    अब मिटे कालिमा काल की
    जीवन में हो उल्लास
    अब बीते रात पतझड़ की
    आये वसंत का नवप्रभात

    लदें वृक्ष सब फलों से
    कलियाँ महकें
    और खेत खलिहान भरें
    धानी चुनर पहने धरती का
    नया नया परिहास

    जल उठें तुरंत बुझते दीपक
    उमड़े नवजीवन की आशा
    अब मिले अनुतरित प्रश्नों की
    बस एक नई सी परिभाषा
    पूरी हो जनमानस की आस
    झिलमिल सुख सपनों का आकाश

    युग बदले कटे तिमिर
    मन में हो दृढ विशवास
    उतरे माँ शारदा सूर्य रश्मि रथ से
    फैले चहुं ओर प्रकाश
    बुझ जाए अब युग युग की प्यास
    जग में नव मूल्यों का उजास

    माता तुम्हारी दया से उपजे ज्ञान प्रवाह 0
    मुखरित हों नव गीत नित
    भरें जीवन में उत्साह
    जग में बस तुमसा न कोई
    हमको बस एक तुम्हारी आस

    -Ashok Kumar
    आघुनिक जीवन में नेतिक मूल्यों का महत्
    हमारा जीवन बड़ा ही दुर्लभ और बहुमूल्य है.उसके रहते इंसान बहुत सी अच्चैयाँ क्र सकता है.कोई भी इंसान उतना ही बड़ा होता है जितने अच्छे काम वह करे.ह्मेन्ह्र काम को सुचारू रूप,समय पर और बिना फल की इच्छा के करना चाहिये..बिना कर्म के तो हमारा अस्तित्व ही खतरे में पद जायेगा.वैसे तो पशु भी अपना पेट भर लेते हैं और किसी तरह जी लेते हैं,पर मनुष्य की तो बात ही अलग है.गुरु गोविन्द सिंह जी महाराज कहते हैं
    देहु शिव वर मोहे इहे,
    शुभ कर्मन से कबहूँ न taroonटरों
    न त्रों अरि से जब चाहे लडूं
    निश्चय क्र अपनी जीत करूँ
    और शूरा उसको जानिये जो लदे दीन के हेतु.
    हमें यह शिकायत नहीं करते रहना चाहिए कि हर तरफ अँधेरा ही अँधेरा है..
    हमारा फर्ज है कि दूसरों के अँधेरे जीवन में उजियारा फेलायें.इससे हमारा जीवन भी प्रकाशित हो उठ्र्गा. हम लोग जीवन को सुधारना नहीं चाहते,बीएस उसे लम्बा करना चाहते हैं.सभी महान व्यक्तियों का जीवन तो ९५% तो किसी साधारण व्यक्तियों की तरह होता है,पर ५% गुण इतने विकसित होते हैंकि वे उन्हें सबसे अलग बना देते हैं.इस लिए हम अपना जीवन महान बना सकते हैं और समय पर अपनी अमिट छाप छोड़ सकते हैं.
    माना कि घोर अंधियार है
    सब तरफ हाहाकार है
    पर एक सच ये भी है
    मानी न हमने हार है
    उठो तुम नर वीर हे
    प्रकातो अँधेरा चीर के
    जीवन संवारो तुम यहाँ
    फिर मुस्कुराये यह जहां
    हमारे जीवन की असली भूल तो वह होती है जिससे हम कोई शिक्षा नहीं लेते.हमें अपने और दूसरों के अनुभवों से भी सीखना चाहिए. हमें अपने भूतकाल को अप्नेव्र्त्मान और भविष्य काल पर असर नहीं डालने देना चाहिए. हमें अपने वर्तमान काल की अवधि में ही रहना चाहिए.यदि हम अपने वर्तमान काल को अच्छा बनायेंगे,तभी हमारा भविष्य भी अच्छा होगा.भूतकाल इसलिए अच्छा लगता नै कि वह एक मरी हुई सुगन्धित वस्तु होता है और अपनी चुनौतियाँ वर्तमान और भविष्य काल की तरह ले कर सामने खड़ा नहीं होता.हमारा भविष्य भी अनिश्चित होया है.हमें ईश्वर की दया और स्दाश्ता पर निर्भर करना चाहिए.
    हमें ऐसा प्रयास करना चाहिए कि विकास चुन्मुखी हो. अधिक से अधिक लोगों तक उसका लाभ पहुंचे.
    ऐसा विकास जग में बढ़े जो पूरी करे जन मानस की आस
    ऐसा विकास किस कम का
    जो पर्यावरण का करे विनाश
    जल स्रोतों और वायु के प्रदूषित होने से बीमार पीधियं रोकने के लिए हमें अपने लालच पर रोक लगानी होगी.शोर से जो ध्वनी प्र्दुष्ण होता है उससे हम अपने और आनेवाली पीढ़ियों स्वास्थ्य को कैसे बचाएं.हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विज्ञान के साथ साथ अध्यात्म भी बढ़े और हमारे लोक कल्याण के संकल्प भी मजबूत हों.
    सारे संसार में अच्छे विचारों की सुगंध फेलाना भी बहुत ही जरूरी है अच्छे विचारों का हमारे वातावरण पर बड़ा ही प्रभाव होता है.जैसे जहाँ झगड़ा हो क्र चूका हो वहन का वातावरण बड़ा ही बोझिल और तनावपूर्ण होता है.
    हम जो कुछ इस समाज से लेते हैं ,उसे वापस लौटाने का प्रयास करें. हम अच्छे नीतिक मूल्यों को समाज में स्थापित क्र के उन पर कोई एहसान नही
    कर रहे हैं.बल्कि हमारे वजूद को कायम रख रहे हैं.अपने आप को सुरक्षित कर रहे हैं.अच्छा समाज एक शरीर के जैसा है समाज में जो दुखी हिस्सा है,उसकी ओर हम सब को ध्यान देना चाहिए.हमें कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे हमारा थोडा सा लाभ हो,पर समाज समाज का चाहे बहुत बड़ा नुक्सान हो . इस तरह यह साबित होता है कि अच्छे नीतिक मूल्यों का होना समाज की प्रगति और अस्तित्व के लिए ब्क्हुत ही जरूरी है.
    अंत में
    शिक्षा
    घर घर शिक्षा का दीप जलाओ
    अंधियारे को दूर भगाओ
    घर घर में उजियारा लाओ
    घर घर शिक्षा का दीप जलाओ
    उजियारा जग को रोशन है करता
    नयी शक्ति जीवन में भरता
    गलत सही में अंतर है करता
    इस उजियारे को अपनाओ
    घर घर शिक्षा का दीप जलाओ
    बढ़े ज्ञान हो जीवन उजला
    हो दूर जग का अँधेरा
    चारों तरफ जगमग पहुँचाओ
    घर घर शिक्षा का दीप जलाओ
    अशोक

  11. Dan Lettington

    November 9, 2014

    Very nice, God Bless you dear friend!

  12. Sumana Santra

    November 9, 2014

    Great words Jen .gd nght.sweet dreams.

  13. Leonard Lee

    November 9, 2014

    Peaceful day to you Jen.

  14. Charles van Dijk

    November 9, 2014

    Morning from Cambodia. Woke up early 4:15 am.

  15. Michael Cammock

    November 9, 2014

    Only bullies try a shake you belief in yourself and even make you feel bad about yourself…. With unrighteous words of false accusations that they always feel fully justified in saying and then let you know why…. So you need to learn how to put things right in your own mind and then keep your distance from bullies.

  16. Carlos Bation

    November 9, 2014

    Hi good morning at my side..great wosds..I know what I am..to god be the glory..jenh have a peaceful evening..good health and Smile..Ingat my dear and Hawak Kamay

  17. Alicia Calimlim

    November 9, 2014

    Goodmorning sister jen… Have a beautiful Monday morning.Big hugs and thanks a lot for +1d and nice comments.

  18. H,. Highlander

    November 9, 2014

    Dear Lady Jend, Thank you, I will quit playing games with my heart, I should have known from the start It's impossible in me, even in my heart with you putting me in my soul. Some times I wish I cot. The way you want me to live my life and start a brand new life. Yes I will with you in my heart a new day and a new life is all what I want with you in my
    HEART
    Thank you again may God bless you for your kindness.
    Yes I will as you want me to have Happiness and a better life.
    For ever yours.

    May I ask you how come you know so much about me and so much about my life.
    I've say goodnight to you.
    Love you lady Jend.

  19. Kishan Sondarva

    November 9, 2014

    Good night my frnd Jen…have a peaceful sweet dreams…be smile.

  20. Kishan Sondarva

    November 9, 2014

    Good Morning my friend Carlos…hv a nice day ahead…

  21. maraga kora

    November 9, 2014

    good morning hws there.

  22. Raghav panday

    November 9, 2014

    Good evening madam have a peaceful night rest take care keep smiling lua ,,,

  23. H,. Highlander

    November 9, 2014

    Jend,,,, I know you are there haa and I am still leasing to this song haa, Quit playing games with my heart haa. I am in good mood today ha, you made my day so wonderful haa why haa, why you so good haa it's a beautiful song lady jend
    I wish you cot hear this song. You be good n take care lady

  24. jai kannan k

    November 9, 2014

    Detached review of SELF..AN INSIGHT into YOUR SELF… OTHERS VIEW YOU THROUGH THEIR EYES ONLY…

  25. Kim Manabat

    November 9, 2014

    I love rain so much goodmorning all=^_^goodbless

  26. jefthe solomon

    November 9, 2014

    Thats real talk, for real situations, applies to real life.

  27. H,. Highlander

    November 9, 2014

    +Jendhamuni Sos​ Quit playing games with my heart.
    I am not sure who the singer is but this is a beautiful song lady.
    I am very sorry, was at the bank to make payment for my car and now the car is mind.

  28. Manju Mahajan

    November 11, 2014

    Yes its true, one can acess itself by its inner feelings


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Supreme Patriarch of Cambodian Buddhism (5/23/1913 - 3/12/07). Forever in my heart...

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This site is a tribute to Buddhism. Buddhism has given me a tremendous inspiration to be who and where I am today. Although I came to America at a very young age, however, I never once forget who I am and where I came from. One thing I know for sure is I was born as a Buddhist, live as a Buddhist and will leave this earth as a Buddhist. I do not believe in superstition. I only believe in karma.

A Handful of Leaves

A Handful of Leaves

Tipitaka: The pali canon (Readings in Theravada Buddhism). A vast body of literature in English translation the texts add up to several thousand printed pages. Most -- but not all -- of the Canon has already been published in English over the years. Although only a small fraction of these texts are available here at Access to Insight, this collection can nonetheless be a very good place to start.

Just the way it is

1. Accept everything just the way it is.
2. Do not seek pleasure for its own sake.
3. Do not, under any circumstances, depend on a partial feeling.
4. Think lightly of yourself and deeply of the world.
5. Be detached from desire your whole life long.
6. Do not regret what you have done.
7. Never be jealous.
8. Never let yourself be saddened by a separation.
9. Resentment and complaint are appropriate neither for oneself nor... read more